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मेहनती चींटी

मेहनती चींटी बरसात के दिनों में एक छोटी चींटी रोज़ दाने इकट्ठा करती थी। तितली का मज़ाक पास ही एक तितली रहती थी जो हमेशा उसका मज़ाक उड़ाती थी — “तुम इतनी मेहनत क्यों करती हो? ज़िंदगी का मज़ा लो!” मुसीबत का समय एक दिन तेज़ बारिश आई और तितली उड़ नहीं पाई। वह भूखी और थकी हुई थी। सच्ची…

सितारों की दूरी

नील बहुत जिज्ञासु बच्चा था। उसे हर चीज़ के बारे में जानने की उत्सुकता रहती थी। एक दिन, वह अपनी दादी के साथ आंगन में बैठा था। आसमान में टिमटिमाते सितारों को देखकर उसने पूछा, “दादी ! ये तारे कितनी दूर हैं?” दादी मुस्कुराईं और बोलीं, “बहुत-बहुत दूर, इतने दूर कि हम उनकी दूरी किलोमीटर में नहीं नापते। हम इसे…

नन्हें प्यारे प्यारे बच्चे

ठंड से इठलाते बच्चे दौड़ते मस्ताते बच्चे जैसे ही होती है सुबह बस 5मिनट और बोल कर रजाई में, फिर घुस जाते बच्चे स्कूल नहीं जब जाते बच्चे घर में दिन भर नहीं पहनते मौजे टोपा स्वेटर फिर भी स्कूल की छुट्टी का बहाना ठंड को ही बनाते बच्चे गरम गरम गाजर का हलवा पराठे गोभी आलू और मेथी के…

पेड़ (कविता)

मैं हूँ हरा-भरा एक पेड़फल – फूल से लदा कदापशु-पक्षियों का घर हूँ मैंइन्सानों का मित्र सदा । अगर काट दोगे मुझकोतो छांव कहाँ से पाओगेमित्र बनोगे अगर हमारेखुशहाली तुम पाओगे। डॉ. दीपिका जोशी चौहान  

मेहनती मधुमक्खी

मेहनती मधुमक्खी एक मधुमक्खी जंगल में रहती थी। वह बहुत मेहनती थी और हमेशा फूलों से अपनी मधुमक्खी कीट से नेकर सीर बनाती और फूलों से मधु चुसकर लाती थी। वह अपने बच्चों के लिए मधु इकट्ठा करने में भी सबसे आगे रहती थी। वह अपने परिवार के लिए मधु जमा करके उन्हें सुरक्षित रखना चाहती थी। एक दिन, मधुमक्खी…